बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए भारतीय जनता पार्टी के 31 साल पुराने गढ़ में सेंध लगा दी। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 18,953 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। इस परिणाम के साथ बांकीपुर की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
प्रशांत किशोर को कुल 63,203 वोट मिले, जबकि भाजपा के नीरज कुमार 44,250 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार रेखा कुमारी 14,085 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

पहले राउंड से बनाए रखी बढ़त
मतगणना की शुरुआत से ही प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए थे। शुरुआती दौर में मुकाबला दिलचस्प रहा, लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, उनकी बढ़त लगातार मजबूत होती गई। अंततः उन्होंने 18,953 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर ली।
उम्मीदवारों को मिले वोट
- प्रशांत किशोर (जन सुराज पार्टी) – 63,203 वोट
- नीरज कुमार (भारतीय जनता पार्टी) – 44,250 वोट
- रेखा कुमारी (राष्ट्रीय जनता दल) – 14,085 वोट
- मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव (प्रगतिशील जनता पार्टी) – 950 वोट
- तनवीर आलम (राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी) – 847 वोट
- प्रदीप कुमार (भारतीय आम अवाम पार्टी) – 763 वोट
- बैजनाथ प्रसाद (भारतीय जवान किसान पार्टी) – 369 वोट
- अनिल दास (निर्दलीय) – 308 वोट
- सिकंदर कुमार (निर्दलीय) – 261 वोट
- जितेंद्र दुबे (अखिल भारतीय जनसंघ) – 250 वोट
- रामबाबू प्रसाद (राष्ट्रीय गरीब दल) – 234 वोट
- मृत्युंजय कुमार (राष्ट्रीय समाजहित दल) – 230 वोट
- सूरज कुमार यादव (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक) – 225 वोट
- प्रेम शंकर प्रसाद (प्राउटिस्ट ब्लॉक, इंडिया) – 221 वोट
- मनीषा शर्मा (राष्ट्रीय अपना दल) – 206 वोट
- निरंजन कुमार आचार्य (राइट टू रिकॉल पार्टी) – 195 वोट
- अभय चौधरी (निर्दलीय) – 195 वोट
- उपेन्द्र सहनी (राष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी) – 178 वोट
- वागीश नंदन (निर्दलीय) – 165 वोट
- शुकेश कुमार (निर्दलीय) – 155 वोट
- नीतिश कुमार (निर्दलीय) – 146 वोट
- अशोक कुमार (समता पार्टी) – 141 वोट
- बिनोद राय (बिहार जस्टिस पार्टी) – 109 वोट
- लालू प्रसाद यादव (निर्दलीय) – 80 वोट
- ब्रजेश पटेल (निर्दलीय) – 68 वोट
- नोटा – 641 वोट
भाजपा के गढ़ में जन सुराज की बड़ी सफलता
बांकीपुर सीट पर 1995 से भाजपा का दबदबा रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर की यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने का संकेत भी मानी जा रही है। जन सुराज के लिए यह परिणाम संगठन के विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने मतदाताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार जताया। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर है कि बांकीपुर की यह जीत बिहार की आगामी राजनीति पर कितना असर डालती है।






