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बिहार-बंगाल सीमा पर अवैध शराब कारोबार पर कड़ाई: केवल लाइसेंसी दुकानों से बिक्री के निर्देश

By | Published: 06 Jul 2026, 04:38 AM
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बिहार-बंगाल सीमा पर अवैध शराब कारोबार पर कड़ाई: केवल लाइसेंसी दुकानों से बिक्री के निर्देश
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मुख्य बातें

  • Liquor Ban : बिहार में लागू शराब बंदी का असर अब बंगाल में भी हो गया है।
  • सत्ता परिवर्तन के बाद शराब पर बड़ा फैसला लिया गया है।
  • नई सरकार किसी भी राज्य में बनती है तो वहां के लोगों को एक अलग ही उम्मीद नजर आती है।
  • बनाए गए पुराने नियम कानून नई सरकार रातों-रात बदल देती है और कुछ वही हुआ है बंगाल में भी, बिहार बंगाल बॉर्डर पर अब शराब को लेकर नियम बदल दिया गया है।


Liquor Ban : बिहार में लागू शराब बंदी का असर अब बंगाल में भी हो गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद शराब पर बड़ा फैसला लिया गया है। नई सरकार किसी भी राज्य में बनती है तो वहां के लोगों को एक अलग ही उम्मीद नजर आती है। बनाए गए पुराने नियम कानून नई सरकार रातों-रात बदल देती है और कुछ वही हुआ है बंगाल में भी, बिहार बंगाल बॉर्डर पर अब शराब को लेकर नियम बदल दिया गया है। बिहार में बीजेपी की सरकार बनी उसके बाद तैयारी बंगाल में थी और बंगाल फतह करने के बाद अब शराबियों पर नया नियम लागू किया गया है। इसके बाद कुछ की नींद उड़ी है तो कुछ ने राहत की सांस ली है।


दरअसल बंगाल में अब ममता दीदी का राज खत्म हो गया है। शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने हैं ,बीजेपी का राज है और ऐसे में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बीजेपी ने नया अभियान शुरू कर दिया है। अब सिर्फ लाइसेंसी दुकानों को ही शराब बेचने की इजाजत दी जाएगी और यह सब कुछ हो रहा है बिहार से सटे बंगाल के बॉर्डर पर। बिहार का जिक्र इसलिए क्योंकि बिहार बंगाल बॉर्डर पर मिलने वाली शराब बिहार के शराबियों के लिए किसी अमृत से कम नहीं होती, जिस पर अब ग्रहण छा गया है। 


आपको बता दे, सीमा से सटे होटल, ढाबा और दुकानों में खुलेआम बिकने वाली शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। करीबन एक महीने से बंगाल पुलिस और मध्य निषेध विभाग लगातार खास अभियान चला रहा है और कार्यवाही के बाद शराब कारोबारी की गतिविधियों पर नजर भिड़ाए बैठे है की किस तरीके से बंगाल से बिहार तक यह बिजनेस फैला हुआ है और अब सिर्फ नजर ही नहीं बल्कि एक्शन भी शुरू हो गया है और यही वजह है कि नियम बदल दिया गया है । अब सिर्फ लाइसेंसी बार और दुकान में ही शराब बिहार बंगाल बॉर्डर पर मिल पा रही है। 


देखिए साल 2016 से बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू है जहां शराब पीना बेचना एकदम अवैध है। उसके बाद पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती बाजारों और होटल में शराब की बिक्री का कारोबार अचानक से बढ़ गया क्योंकि बिहार बंगाल पास होने के कारण बिहार से लोग शराब पीने बंगाल चले जाते हैं। खासकर किशनगंज के लोग बॉर्डर पार कर शराब पीने बंगाल जाते हैं, किशनगंज जिले की सीमा से सटे रामपुर बालू चुका समेत कई इलाकों में मौजूद होटल और दुकान ऐसी हैं जो शराब खरीदने वालों के लिए एक अड्डा बन चुकी है। जिस पर अब एक्शन लिया जाएगा और अब पश्चिम बंगाल सरकार यानी कि बीजेपी सरकार के आदेश के बाद निगरानी और भी ज्यादा बढ़ा दी गई है । बॉर्डर पर बढ़ी निगरानी के कारण लोगों को अड्डे पर पहुंचने में दिक्कत हो रही है और इससे बंगाल में शराब कारोबारी परेशान तो है लेकिन फायदा यह है कि बिहार में लागू शराबबंदी के बाद भी लोग आसानी से शराब जाकर पी ले रहे थे वह अब शराब नहीं पी पा रहे हैं क्योंकि लगातार छापेमारी की जा रही है। सभी गाड़ियों की जांच पड़ताल चल रही है ताकि बिहार में लागू शराबबंदी की धज्जियां शराबी ना उड़ा पाएं।


इतना ही नहीं बल्कि बंगाल के होटल मालिकों को दुकानदारों को भी सख्ती से नियम पालन करने की चेतावनी दी गई है और साफ कहा गया है कि अगर कोई शराब तस्करी में पकड़ा जाता है तो उस पर कार्यवाही की जाएगी, जुर्माना वसूला जाएगा क्योंकि कई बार प्रशासन ने बंगाल से आने वाले शराब की बड़ी मात्रा में खेप बिहार में पकड़ी है और इसीलिए यह महा अभियान चलाया जा रहा है ताकि बिहार बंगाल बॉर्डर पर अवैध शराब का जो धंधा है उस पर बैन लगाया जा सके और बिहार में लागू शराबबंदी कानून को सफल बनाया जा सके। 


कुल मिलाकर बिहार से जाकर बंगाल में शराब पीने वालों पर बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सख्ती बढ़ाई जा रही है और भले इसका नुकसान बिहार के शराबियों को हो रहा है लेकिन इससे बिहार में नीतीश कुमार द्वारा शराब बैन जिस उद्देश्य से कराया गया था उसका सही से पालन हो रहा है ।

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