बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अवकाश लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। 1 जुलाई से अब किसी भी सरकारी कर्मचारी का ऑफलाइन छुट्टी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत अब हर तरह की छुट्टी के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी सरकारी कार्यालयों को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से कामकाज को अधिक पारदर्शी, आसान और तेज बनाना है।

एचएमआरएस पोर्टल और मोबाइल ऐप का करना होगा उपयोग
सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
अब आकस्मिक अवकाश यानी सीएल, अर्जित अवकाश यानी ईएल और अन्य सभी तरह की छुट्टियों के लिए सिर्फ ऑनलाइन माध्यम का ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए सभी कर्मचारियों को सबसे पहले अपने मोबाइल में एचएमआरएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप डाउनलोड करना होगा या इसके आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।

- कर्मचारियों को ऐप या पोर्टल पर अपना पंजीकरण यानी रजिस्ट्रेशन पूरा करना अनिवार्य है।
- रजिस्ट्रेशन के बाद ही कर्मचारी किसी भी प्रकार की छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन भेज सकेंगे।
- छुट्टी का आवेदन संबंधित अधिकारी के पास सीधे ऑनलाइन पहुंचेगा और अधिकारी उसी पोर्टल या ऐप के माध्यम से उसे मंजूर या अस्वीकार करेंगे।
- इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अब किसी भी कागजी फाइल या ऑफलाइन आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटल व्यवस्था से समय की बचत और बेहतर रिकॉर्ड
सरकार का कहना है कि इस नई डिजिटल प्रणाली से कर्मचारियों को छुट्टी के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे समय की बचत होगी और छुट्टी मंजूर होने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। इसके अलावा, इस नई व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि प्रत्येक कर्मचारी की छुट्टियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा।

किस कर्मचारी ने कब छुट्टी ली, कितने दिन की छुट्टी बची है और कौन-सा आवेदन लंबित है, इसकी सटीक जानकारी आसानी से मिल सकेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द एचएमआरएस ऐप डाउनलोड करें और अपना पंजीकरण पूरा करें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।





