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बांकीपुर में प्रशांत किशोर को महागठबंधन का समर्थन,BJP की बढ़ी टेंशन!

By | Published: 07 Jul 2026, 05:32 PM
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बांकीपुर में प्रशांत किशोर को महागठबंधन का समर्थन,BJP की बढ़ी टेंशन!
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मुख्य बातें

  • Bankipur By-election: बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है।
  • पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता जा रहा है।सबसे बड़ी चर्चा इस बात पर है कि जन सुराज पा...
  • अब इसी बीच ये कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को समर्थन देने का खुला ऐलान कर दिया है।
  • राजद की प्रतिक्रिया भी पॉजिटिव आई है जिसके बाद अब ये तो तय है कि बीजेपी की मुश्किलें बढ़ने वाली है।

Bankipur By-election: बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता जा रहा है।

सबसे बड़ी चर्चा इस बात पर है कि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। अब इसी बीच ये कांग्रेस ने प्रशांत किशोर को समर्थन देने का खुला ऐलान कर दिया है। राजद की प्रतिक्रिया भी पॉजिटिव आई है जिसके बाद अब ये तो तय है कि बीजेपी की मुश्किलें बढ़ने वाली है। क्योंकि पिछली बार रेखा गुप्ता महागठबंधन की बांकीपुर उम्मीदवार थी जिन्हें 60,000 के करीबन वोट आए थे ऐसे में अगर महागठबंधन का फुल समर्थन प्रशांत किशोर को मिलता है तो एक अलग ही समीकरण बांकीपुर में बनते दिखेगा।


जन सुराज पार्टी पिछले कई हफ्तों से बांकीपुर क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रही है। पार्टी के कार्यकर्ता बूथ स्तर तक तैयारी में जुटे हैं। इसी वजह से माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर इसी सीट से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है। यहां से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार कई बार विधायक चुने गए। लेकिन राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसी कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। यही वजह है कि इस सीट को बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है।


वहीं दूसरी ओर, विपक्ष भी इस चुनाव को पूरी गंभीरता से ले रहा है। कांग्रेस ने खुलकर सुझाव दिया है कि अगर प्रशांत किशोर बांकीपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो महागठबंधन को अपना अलग उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर एक उम्मीदवार का समर्थन करें, ताकि बीजेपी को उसके सबसे मजबूत गढ़ में कड़ी चुनौती दी जा सके।

कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा का कहना है कि बांकीपुर पिछले करीब 30 साल से बीजेपी का मजबूत क्षेत्र रहा है। ऐसे में विपक्ष का उद्देश्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि बीजेपी को हराना होना चाहिए। कांग्रेस के इस सुझाव पर राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य बीजेपी को हराना है। उम्मीदवार कौन होगा, इस पर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा, लेकिन विपक्षी एकता हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है। यानी अब यह साफ दिख रहा है कि विपक्ष इस चुनाव में साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रहा है।

अगर कांग्रेस, राजद, वाम दल और दूसरे विपक्षी दल एक साथ आकर प्रशांत किशोर का समर्थन करते हैं, तो बांकीपुर का मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है।

इस चुनाव का एक और राजनीतिक पहलू भी है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली विधानसभा सीट होगी, जहां उपचुनाव होने जा रहा है। इसलिए कई राजनीतिक एक्सपर्ट्स इसे उनकी पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा भी मान रहे हैं। अगर बीजेपी यह सीट आसानी से जीतती है तो उसे बड़ा राजनीतिक संदेश मिलेगा। लेकिन अगर विपक्ष एकजुट होकर कड़ी टक्कर देता है या जीत हासिल करता है, तो इसका असर सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी देखने को मिल सकता है।


ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क प्रशांत किशोर को बांकीपुर से कितन समर्थन मिलता है, इसके साथ यह भी देखना होगा कि क्या विपक्ष उनके समर्थन में एकजुट होता है, और बीजेपी इस चुनौती का जवाब किस रणनीति से देती है। फिलहाल, बिहार की इस एक विधानसभा सीट पर पूरे राज्य की ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति की भी नजर बनी हुई है।

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