पटना: बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लगा दिया है। गृह विभाग की ताजा समीक्षा के बाद सरकार ने दोनों वरिष्ठ नेताओं की 'Z श्रेणी' (Z-Category) की सुरक्षा को फिर से पूरी तरह बहाल कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें दोबारा बुलेटप्रूफ गाड़ियां भी मुहैया करा दी गई हैं।

सुरक्षा कटौती पर बढ़ा था सियासी घमासान
पिछले दिनों बिहार की एनडीए सरकार ने राज्य के वीआईपी नेताओं की सुरक्षा की उच्च स्तरीय समीक्षा की थी। इस समीक्षा के बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा घेरे में कटौती करने का फैसला लिया गया था। सरकार के इस कदम पर लालू परिवार ने कड़ी आपत्ति जताई थी। नाराजगी इस कदर बढ़ी कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने विरोध स्वरूप सरकार द्वारा दी गई बची-कुची सुरक्षा को भी पूरी तरह से लौटा दिया था और बिना सरकारी गार्ड्स के रहने का फैसला किया था।

कार्यकर्ताओं ने संभाल लिया था मोर्चा
सुरक्षा वापस लौटाए जाने के बाद पटना के 10, सर्कुलर रोड (राबड़ी आवास) पर सियासी हलचल तेज हो गई थी। आरजेडी के सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक लाठियां लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर जमा हो गए थे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि सरकार उनके नेताओं को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो पार्टी के कार्यकर्ता खुद अपने 'नेताओं' की सुरक्षा के लिए दिन-रात मुस्तैद रहेंगे। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर नीतीश-सम्राट सरकार की घेराबंदी शुरू हो गई थी।

बैकफुट पर आई सरकार, दोबारा जारी हुआ आदेश
विवाद को लगातार तूल पकड़ता देख और खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा चिंताओं का आकलन करते हुए सरकार ने अपने फैसले को बदला। गृह विभाग ने नया आदेश जारी करते हुए लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों को तत्काल प्रभाव से 'Z श्रेणी' की सुरक्षा कवर वापस देने का निर्णय लिया।

अब सुरक्षा घेरे में क्या-क्या शामिल रहेगा:
- बुलेटप्रूफ गाड़ियां: दोनों नेताओं के सफर के लिए विशेष तौर पर सुरक्षित बुलेटप्रूफ वाहन तैनात रहेंगे।
- पायलट और एस्कॉर्ट व्हीकल्स: काफिले के आगे और पीछे चलने वाली सुरक्षा गाड़ियां (पायलट-एस्कॉर्ट) फिर से कमान संभालेंगी।
- सुरक्षाकर्मियों की तैनाती: आवास और सफर के दौरान तय मापदंडों के अनुसार हथियारों से लैस सुरक्षाबल मुस्तैद रहेंगे।
राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक हैं और उनकी सुरक्षा का मुद्दा बेहद संवेदनशील है। सरकार इस मामले को ज्यादा लंबा खींचकर विपक्ष को बैठे-बिठाए कोई बड़ा मुद्दा नहीं देना चाहती थी, खासकर तब जब कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने से कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता था। सुरक्षा बहाली के इस फैसले के बाद अब इस सियासी विवाद के शांत होने की उम्मीद है।





