महाराष्ट्र विधानसभा में एनर्जी ड्रिंक स्टिंग को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। बीजेपी विधायक विक्रम पचपुते ने इस ड्रिंक को शराब से भी ज्यादा खतरनाक करार दिया है, जिसके बाद सरकार ने स्कूलों के आसपास इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए एक कड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में स्टिंग जैसे एनर्जी ड्रिंक की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। सरकार का यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य पर इन ड्रिंक्स के बुरे असर को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।


विधायक विक्रम पचपुते का बयान और असेंबली में मुद्दा
विधानसभा के सत्र के दौरान बीजेपी विधायक विक्रम पचपुते ने इस गंभीर मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में स्टिंग शराब से भी ज्यादा खतरनाक है। पचपुते ने सदन में चिंता जताई कि यह ड्रिंक पूरे महाराष्ट्र में आसानी से उपलब्ध है और इसके पैक पर चेतावनी लिखे होने के बावजूद यह स्कूली बच्चों व किशोरों को धड़ल्ले से बेची जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह आदत भविष्य में अन्य गंभीर लतों का कारण बन सकती है।

एनर्जी ड्रिंक के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्परिणाम
विधायक के अनुसार, स्टिंग की एक कैन में लगभग 32 मिलीग्राम कैफीन पाई जाती है, साथ ही इसमें टॉरिन और अत्यधिक मात्रा में चीनी भी शामिल होती है। अत्यधिक कैफीन दिल की धड़कन को तेज कर सकता है और थोड़े समय की ऊर्जा के बाद गहरी थकान पैदा कर सकता है, जिससे लोग इसके आदी हो जाते हैं। विशेषज्ञों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है और उच्च शुगर के कारण बच्चों में मोटापा तथा डायबिटीज जैसी समस्याएं भी पनप सकती हैं। विधानसभा में इस मामले पर जवाब देते हुए संबंधित मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






