खबर डोज़ ब्यूरो। मानसून के अंतिम दौर के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के लिए एक बार फिर बड़ा और चुनौतीपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। आगामी 2 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और उत्तराखंड समेत देश के कुल 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन और यात्राओं पर सीधा असर पड़ सकता है।
इन राज्यों में रहेगा आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी 2 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, केरल, असम, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में खराब मौसम का सामना करना पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में कुछ जगहों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

राजधानी दिल्ली में इस दौरान अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि यहां 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, कानपुर, लखनऊ और प्रयागराज जैसे जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पूर्वी और पर्वतीय राज्यों का तापमान और मौसमी हलचल
बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और भागलपुर समेत सीमांचल के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। झारखंड के रांची, धनबाद और जमशेदपुर में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और चमोली जैसे जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरपूर्वी असम और उत्तरी तटीय तमिलनाडु के आसपास निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसके प्रभाव से पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में भी बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं का दौर बना हुआ है। किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट की पूरी जानकारी लेने के बाद ही घर से बाहर निकलें।





