लखनऊ, 22 जून। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज (पुरानिया) इलाके से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहां सोमवार को एक नामी कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरी इमारत में काला धुआं और लपटें फैल गईं, जिससे क्लासरूम में पढ़ रहे बच्चों के बीच अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।
शॉर्ट सर्किट बना वजह, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए बच्चे
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग लगने की वजह इलेक्ट्रिक पैनल या एसी (AC) में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। धुएं के कारण जब बच्चों का दम घुटने लगा, तो अपनी जान बचाने के लिए कुछ छात्रों ने घबराहट में इमारत की ऊंचाई से नीचे छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के वक्त बिल्डिंग के अंदर करीब 10 से 12 छात्र फंसे हुए थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन और सीएम योगी के निर्देश

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सीढ़ी लगाई और खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे का तुरंत संज्ञान लिया है और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
घायल बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर कमर्शियल बिल्डिंग्स और कोचिंग सेंटर्स में फायर सेफ्टी के इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

अखिलेश यादव ने हादसे पर दुख जताया, बोले- हादसे दोबारा न हों, सभी को मिलकर प्रयास करना होगा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अखिलेश यादव ने कहा कि जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उनके प्रति हमारी श्रद्धांजलि है। जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, उनके प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने सरकार से घायलों के लिए सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। इसके पीछे के कारणों की ईमानदारी से जांच होनी चाहिए, क्योंकि ऐसे हादसों का शिकार किसी भी परिवार के बच्चे हो सकते हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी को मिलकर गंभीर प्रयास करने चाहिए।







