बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और मतदान सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्टूबर के पहले सप्ताह के बीच शुरू होने की संभावना है। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए इसे 8 से 9 चरणों में आयोजित किए जाने की योजना बनाई गई है।

बिहार पंचायत चुनाव में पहली बार सभी पदों पर होगी EVM से वोटिंग
इस बार के पंचायत चुनाव कई महत्वपूर्ण बदलावों के साथ संपन्न होंगे जिसमें चुनावी प्रक्रिया का आधुनिकीकरण सबसे प्रमुख है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार पंचायत चुनाव के सभी छह पदों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। पूर्व के चुनावों में कुछ पदों के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब पूरी मतदान प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाने के लिए ईवीएम का ही प्रयोग होगा।


नया आरक्षण रोस्टर और 2011 की जनगणना का आधार
राज्यों में पंचायतों की सीमा और जनसंख्या के आधार पर आरक्षण तय करने की प्रक्रिया को लगभग पूरा कर लिया गया है, जिसके तहत नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाएगा। बिहार की 4 हजार से ज्यादा पंचायतों और 55 हजार से अधिक वार्डों में ये नए नियम लागू होंगे, जिससे महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों में बदलाव देखा जा सकता है। आरक्षण तय करने के लिए आयोग ने साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया है।

प्रशासनिक स्तर पर वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देने, मतदान केंद्रों का सत्यापन करने और जिला स्तर पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का कार्य भी तेजी से जारी है। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से अभी तक चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए जल्द ही तारीखों के ऐलान की उम्मीद है।






