बिहार में बीपीएससी टीआरई-4 शिक्षक भर्ती को लेकर एक बार फिर सियासत और छात्रों के बीच हलचल तेज हो गई है। हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से टीआरई-4 भर्ती के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब तक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी बीच छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया, तो छात्र एक बार फिर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
दिलीप कुमार का कहना है कि पिछले कई महीनों से छात्र लगातार भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
लेकिन हर बार सिर्फ उम्मीद दी जाती है और नई-नई बातें सामने आती हैं। इससे अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उनका कहना है कि छात्र अब सिर्फ आधिकारिक नोटिफिकेशन देखना चाहते हैं, न कि किसी नेता या अधिकारी के मौखिक बयान पर भरोसा करना चाहते हैं।
छात्र नेता ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि टीआरई-4 भर्ती को लेकर अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं, जिससे छात्रों में असमंजस बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक बीपीएससी या सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक किसी भी जानकारी को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।

दिलीप कुमार ने सरकार से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह स्पष्ट जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि लाखों युवा दिन-रात मेहनत करके शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। कई अभ्यर्थी अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सिर्फ भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन नोटिफिकेशन में लगातार हो रही देरी से उनका मनोबल टूट रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लेती है, तो पूरे बिहार के अभ्यर्थी एकजुट होकर शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि छात्रों का उद्देश्य किसी तरह का विवाद पैदा करना नहीं है। वे सिर्फ चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया समय पर शुरू हो और युवाओं को उनका अधिकार मिले।आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब टीआरई-4 भर्ती को लेकर छात्रों ने आवाज उठाई हो। इससे पहले भी पटना समेत कई जगहों पर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। छात्रों ने भर्ती में हो रही देरी के खिलाफ विरोध जताया था। उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली थी। हालांकि, छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और उनका मकसद सिर्फ सरकार तक अपनी बात पहुंचाना था।

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
कई छात्रों ने नौकरी छोड़कर या दूसरी परीक्षाओं की तैयारी रोककर सिर्फ टीआरई-4 भर्ती का इंतजार किया है। ऐसे में भर्ती में लगातार हो रही देरी उनके भविष्य पर असर डाल रही है। उनका मानना है कि सरकार को जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी कर पूरी प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। छात्रों की सबसे बड़ी मांग यही है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाए। उनका कहना है कि जब तक भर्ती का विज्ञापन नहीं आएगा, तब तक अभ्यर्थियों की चिंता खत्म नहीं होगी। युवाओं का कहना है कि वे किसी अफवाह पर भरोसा नहीं करना चाहते और सिर्फ आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहे हैं।
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वहीं सरकार की ओर से पहले भी कहा जा चुका है कि टीआरई-4 भर्ती को लेकर तैयारियां चल रही हैं और अभ्यर्थियों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी होने की कोई तय तारीख सामने नहीं आई है। यही वजह है कि छात्रों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार जल्द टीआरई-4 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करेगी, या फिर एक बार फिर बिहार में छात्रों का बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा। फिलहाल लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार और बीपीएससी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। सभी को उम्मीद है कि जल्द कोई आधिकारिक घोषणा होगी और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





