Bihar Panchayat Elections: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि पंचायत चुनाव तय समय पर कराए जाएंगे। इस बार चुनाव ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से होंगे। साथ ही आरक्षण का नया रोस्टर लागू किया जाएगा। हालांकि इस बार परिसीमन नहीं होगा।
बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग मिलकर सभी जरूरी काम पूरे कर रहे हैं, ताकि चुनाव समय पर कराए जा सकें।

मंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर किसी तरह की देरी नहीं होगी। राज्य निर्वाचन आयोग की देखरेख में हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। चुनाव से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।इस बार पंचायत चुनाव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि इस बार आरक्षण का नया रोस्टर लागू किया जाएगा। मंत्री के मुताबिक पिछले आरक्षण रोस्टर को लागू हुए करीब दस साल पूरे हो चुके हैं। इसलिए अब नए नियमों के अनुसार नया रोस्टर तैयार किया जा रहा है।

यानी इस बार कई पंचायतों में सीटों का आरक्षण बदल सकता है। कुछ सीटें सामान्य हो सकती हैं, तो कुछ सीटें महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हो सकती हैं। सरकार का कहना है कि नया रोस्टर पूरी प्रक्रिया के अनुसार तैयार किया जाएगा।

मंत्री दीपक प्रकाश ने यह भी बताया कि इस बार पंचायत चुनाव पूरी तरह ईवीएम से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल होगा। यानी एक ही मशीन के जरिए पंचायत के सभी छह पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। इन पदों में मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, पंच और वार्ड सदस्य शामिल हैं। सरकार का मानना है कि ईवीएम के इस्तेमाल से मतदान की प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी होगी। साथ ही मतगणना भी पहले की तुलना में कम समय में पूरी हो सकेगी।

चुनाव की तैयारियों को लेकर भी सरकार ने जानकारी दी है। मंत्री ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ईवीएम के रखरखाव, उनकी जांच और नई मल्टी पोस्ट ईवीएम की खरीद जैसे कामों को अंतिम रूप दे रहा है। इसके अलावा चुनाव कर्मियों की तैयारी, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और दूसरी प्रशासनिक तैयारियां भी लगातार चल रही हैं। सरकार का कहना है कि चुनाव कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएंगे।

परिसीमन को लेकर भी मंत्री ने स्थिति साफ कर दी। उन्होंने बताया कि इस बार पंचायत चुनाव बिना परिसीमन के ही होंगे। मंत्री ने कहा कि साल 2021 में कोरोना महामारी की वजह से देश में जनगणना नहीं हो पाई थी। अब पूरे देश में जनगणना का काम चल रहा है। जब जनगणना का पूरा डेटा सरकार को मिल जाएगा, तब नए आंकड़ों के आधार पर परिसीमन किया जाएगा। यानी पंचायतों और वार्डों की सीमाओं में बदलाव का काम बाद में होगा। इसलिए इस बार पुराने परिसीमन के आधार पर ही चुनाव कराए जाएंगे। मंत्री दीपक प्रकाश ने यह भी कहा कि सरकार तय समय पर पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने याद दिलाया कि पिछला पंचायत चुनाव वर्ष 2021 में पूरा हुआ था। उसी कार्यकाल को देखते हुए इस साल भी समय पर चुनाव कराए जाएंगे।सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पंचायत चुनाव समय पर होना जरूरी है। इसी वजह से सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।

तो कुल मिलाकर, बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। चुनाव तय समय पर होंगे, इस बार मतदान ईवीएम से कराया जाएगा, आरक्षण का नया रोस्टर लागू होगा, लेकिन परिसीमन नहीं किया जाएगा। जनगणना का पूरा डेटा आने के बाद ही नई सीमाओं का फैसला किया जाएगा। अब सभी की नजर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर है, जो जल्द ही चुनाव कार्यक्रम और आरक्षण रोस्टर की घोषणा कर सकता है।





