नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर जारी विवाद के बीच देश के शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफा देने के महज कुछ ही घंटों के भीतर नए शिक्षा मंत्री के नाम का ऐलान कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भारत की राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी अपने मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय के प्रभार की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और विरोध प्रदर्शनों का अंत
नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार 35 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। इन प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से हटने का फैसला किया। अपने इस्तीफे में प्रधान ने उल्लेख किया कि वे देश-विरोधी ताकतों को इस स्थिति का अनुचित लाभ उठाने से रोकने के लिए पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चार दशकों से अधिक समय से उन्होंने खुद को छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित किया है, क्योंकि एक मजबूत और समावेशी शिक्षा प्रणाली ही मजबूत राष्ट्र का आधार होती है।
इस्तीफे के कुछ ही समय बाद सीजेपी (CJP) के प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रंका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केंद्र सरकार से उनकी मांगें पूरी करने का भरोसा मिलने के बाद 35 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया है।

शिक्षा मंत्रालय के सामने चुनौतियां और आगामी सुधार
प्रह्लाद जोशी की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब शिक्षा मंत्रालय नीट-यूजी विवाद के बाद व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू कर रहा है। इन सुधारात्मक कदमों के तहत निम्नलिखित प्रमुख कार्य शामिल हैं:
- NTA का पुनर्गठन: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली और ढांचे में बड़े बदलाव।
- पेपर लीक रोधी उपाय: भविष्य में किसी भी परीक्षा का पर्चा लीक होने से रोकने के लिए कड़े नियम व तकनीकी सुरक्षा।
- कंप्यूटर-आधारित परीक्षा: वर्ष 2027 से नीट परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की योजना।

कौन हैं नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?
कर्नाटक के विजयपुरा में 27 नवंबर 1962 को जन्मे प्रह्लाद जोशी एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे, जबकि उनकी माता मालतीबाई गृहिणी थीं। प्रह्लाद जोशी की शुरुआती पढ़ाई रेलवे स्कूल और हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक यूनिवर्सिटी, धारवाड़ से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली से बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की।
छात्र जीवन के दौरान ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वाले जोशी ने हुबली में एक छोटा औद्योगिक व्यवसाय चलाने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। उन्होंने 1992 से 1994 के दौरान हुबली के प्रसिद्ध ईदगाह मैदान तिरंगा आंदोलन का नेतृत्व किया था और बाद में कर्नाटक में 'कश्मीर बचाओ आंदोलन' की अगुवाई की थी।
संसदीय करियर और वर्तमान जिम्मेदारियां
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर संगठनात्मक कार्यों से शुरू हुआ था:
- संगठनात्मक अनुभव: 1998 में उन्हें बीजेपी का धारवाड़ जिला अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वे 2014 से 2016 तक कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
- सांसदी का रिकॉर्ड: वर्ष 2004 में पहली बार धारवाड़ सीट से लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद वे लगातार 2009, 2014, 2019 और 2024 में जीतकर कुल 5 बार सांसद बन चुके हैं।
- मंत्रालय का अनुभव: 2019 से 2024 के दौरान वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री रह चुके हैं।
- वर्तमान प्रभार: वर्तमान में वे केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री तथा नए एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हैं। नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में उनका लक्ष्य 2030 तक 500 GW स्वच्छ ऊर्जा क्षमता हासिल करना और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य पाना है। अब इन जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे शिक्षा मंत्रालय का दायित्व भी संभालेंगे।





