बिहार : आज जनता दल यूनाइटेड की राष्ट्रीय एवं राज्य परिषद की बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में जदयू के सभी मंत्री नेता और सदस्य भाग लेने पहुंचे है। आपको बता दे, इस बैठक में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार , स्वास्थ मंत्री निशांत कुमार, , राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा , जदयू सांसद ललन सिंह , उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी , उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव सहित सभी मंत्री और नेता मौजूद है। पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड कार्यालय में यह बैठक रखी गई है। कई मायनों में आज की यह बैठक महत्वपूर्ण है।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने 20 साल बतौर मुख्यमंत्री बिहार को संभाला और अब जब नीतीश कुमार बिहार के मुखिया नहीं हैं तो बिहार में कैसे काम हो रहा है । सम्राट कैबिनेट में क्या फैसले लिए जा रहे हैं,जेडीयू की भूमिका नई सरकार में कैसी है। कितनी इज़्ज़त जेडीयू को सम्राट सरकार में मिल रही है इन सब मुद्दों पर खास निगाहें नीतीश कुमार की है।

इतना ही नहीं बल्कि नीतीश कुमार 21 जून यानि की आज की इस बैठक को लेकर काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे। सभी नेताओं से मुलाकात बात और ये जानेंगे कि कैसे चल रहा है पार्टी में काम। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नीतीश कुमार आज इस बैठक में शामिल होकर पहली बार सबकी क्लास भी लगा सकते हैं। इतना ही नहीं बल्कि ये भी जानेंगे कि जेडीयू के भीतर सब ठीक चल भी रहा है या नहीं।
हाल हीं में आनंद मोहन द्वारा जदयू पर लगाए गए सभी गंभीर आरोपों के बाद यह बैठक और भी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है इसके साथ-साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी इस बैठक में शामिल होंगे।
नीतीश और निशांत आमने-सामने होंगे । यह भी देखना दिलचस्प होगा की क्या नीतीश कुमार निशांत से भी उनके कार्यों का जायजा लेते हैं या फिर पुत्र मोह में इस बैठक में निशांत को नजरअंदाज कर देते हैं।
अनंत सिंह भी गोपालगंज के वायरल वीडियो के बाद मुश्किलों में फंसे हुए थे उसके बाद उन्हें राहत मिल गई है वैसे में नीतीश कुमार अनंत सिंह को भी कोई सलाह देते हैं या नहीं। ये भी देखना मजेदार होगा कि विवादों से दूर रहे और कामों पर ध्यान दें, क्योंकि नीतीश कुमार का पूरा फोकस बिहार के विकास पर था,है और उनके हिसाब से हमेशा रहेगा ऐसे में आज की यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद जदयू के भविष्य पर भी सवाल उठ रहे हैं । ऐसे में आज इस बैठक में नीतीश कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। चेतन आनंद भी नाराज है उन्हें भी जवाब दे सकते हैं या फिर मना भी सकते हैं। कोई बड़ी जिम्मेदारी किसी नए चेहरे को देंगे या फिर पुराने लोगों पर ही फिर से भरोसा करेंगे यह भी देखना दिलचस्प होगा ।






