सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से संभावित एनडीए प्रत्याशी और जदयू नेता ई. आनंद पुष्कर ने शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को लेकर बड़ा भरोसा दिलाया है। छपरा के अमनौर प्रखंड में शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की हर न्यायोचित मांग को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

ई. आनंद पुष्कर ने अमनौर प्रखंड के कई विद्यालयों का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रधानाध्यापकों, कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षकों से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने उनका स्वागत किया और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं को उनके सामने रखा। बड़ी संख्या में शिक्षक इस संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि आनंद पुष्कर लंबे समय से शिक्षक समुदाय के मुद्दों को समझते और उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि शिक्षक हितों से जुड़े मामलों को सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता आनंद पुष्कर में है। शिक्षकों ने उनसे आगे भी अपने अधिकारों और समस्याओं की लड़ाई मजबूती से लड़ने की अपील की।अपने संबोधन में आनंद पुष्कर ने कहा कि वे वेतनमान, पेंशन, सेवा सुरक्षा, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, प्रोन्नति, स्थानांतरण नीति और सेवा नियमावली में सुधार जैसे अहम मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्रयासों से विशिष्ट शिक्षक नियमावली और विद्यालय अध्यापक नियमावली में सुधार की दिशा में पहल हुई। साथ ही स्थानांतरण नीति को आगे बढ़ाने और सरकारी विद्यालयों का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित कराने जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक पहल हुई है। आनंद पुष्कर ने कहा कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिलाने और सेवा संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए भी वे लगातार प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि शिक्षक हित किसी राजनीति का विषय नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा व्यवस्था के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता है।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी उनकी हर न्यायोचित मांग को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक अम्बिका राय, रमेश श्रीवास्तव, अरुण कुमार तिवारी, महामाया प्रसाद विनोद, दिलीप कुमार, नवीन कुमार, अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।





