शिक्षा के क्षेत्र से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। शिक्षा सारथी ई-पत्रिका ने गोपालगंज जिले के सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय इंदिरा आवास, भितभेरवाँ की प्रधान शिक्षिका भावना कुमारी को उनके बेहतरीन शैक्षणिक कार्य और रचनात्मक प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया है।

यह सम्मान शिक्षा सारथी ई-पत्रिका के अप्रैल माह के दूसरे अंक में प्रकाशित "हंसते चेहरे, सीखते कदम" स्तंभ में उनकी उत्कृष्ट छायाचित्र प्रस्तुति के लिए दिया गया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें एक मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का आयोजन उनके अपने ही विद्यालय में किया गया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अन्य लोग भी मौजूद रहे। अपने ही स्कूल में, अपने विद्यार्थियों के सामने सम्मानित होना किसी भी शिक्षक के लिए बहुत गर्व की बात होती है। यही खुशी प्रधान शिक्षिका भावना कुमारी के चेहरे पर भी साफ दिखाई दी।

सम्मान मिलने के बाद भावना कुमारी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पल उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। उन्होंने कहा कि जब कोई शिक्षक अपने ही विद्यालय में अपने विद्यार्थियों के सामने सम्मानित होता है, तो वह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं होता, बल्कि पूरे विद्यालय और शिक्षा परिवार का होता है। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। अब वह पहले से भी ज्यादा समर्पण के साथ बच्चों की पढ़ाई, उनकी अच्छी परवरिश और उनके सर्वांगीण विकास के लिए काम करेंगी। उनका मानना है कि हर बच्चे में कुछ खास होता है और सही मार्गदर्शन मिलने पर वह जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
प्रधान शिक्षिका भावना कुमारी ने इस सम्मान का पूरा श्रेय अपने विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा सारथी ई-पत्रिका की पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और विश्वास की वजह से ही उन्हें यह सम्मान मिला है। यदि पूरी टीम मिलकर काम करे, तो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।

शिक्षा सारथी ई-पत्रिका लगातार ऐसे शिक्षकों को सम्मानित कर रही है, जो शिक्षा के क्षेत्र में नए और अच्छे प्रयास कर रहे हैं। इससे दूसरे शिक्षकों को भी अच्छा काम करने की प्रेरणा मिलती है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

ऐसे सम्मान यह बताते हैं कि मेहनत और ईमानदारी से किया गया काम कभी व्यर्थ नहीं जाता। देर-सबेर उसकी पहचान जरूर होती है। शिक्षक समाज का भविष्य तैयार करते हैं और जब उनके कार्यों की सराहना होती है, तो यह पूरे शिक्षा जगत के लिए गर्व की बात होती है।






