बिहार के भागलपुर जिले में कोरोना वायरस का एक नया मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। संक्रमित पाए गए मरीज को तुरंत इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल (JLNMCH), जिसे मायागंज अस्पताल के नाम से भी जाना जाता है, के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इस नए मामले की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

डॉ. हेमशंकर शर्मा की क्लीनिक में हुई जांच, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती
जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल (JLNMCH) के अधीक्षक डॉ. एच. के. दुबे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे उन्हें एक मरीज की आरटीपीसीआर (RTPCR) रिपोर्ट पॉजिटिव होने की सूचना मिली थी। यह मरीज शुरुआत में डॉ. हेमशंकर शर्मा के क्लीनिक में जांच के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद, त्वरित कार्रवाई करते हुए दोपहर करीब 3 बजे मरीज को अस्पताल लाया गया। वर्तमान में मरीज को अस्पताल के बी-ब्लॉक स्थित विशेष आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने में जुटा प्रशासन
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एच. के. दुबे के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग अब इस बात की गहनता से जांच कर रहा है कि संक्रमित मरीज मूल रूप से भागलपुर का ही रहने वाला है या फिर उसकी कोई बाहरी ट्रेवल हिस्ट्री है। विशेष रूप से इस बात की जांच की जा रही है कि क्या मरीज हाल ही में दक्षिण भारत (साउथ) की यात्रा पर गया था। भर्ती यूनिट के डॉक्टरों को इस संबंध में मरीज और उसके परिजनों से विस्तृत जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके।

अस्पताल में कोरोना प्रोटोकॉल लागू, कर्मियों के लिए मास्क अनिवार्य
कोरोना के नए मामले को देखते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षात्मक उपाय कड़े कर दिए गए हैं। अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है जो बहुत तेजी से फैलती है, इसलिए एहतियात बरतना बेहद जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी आम जनता को घबराने या पैनिक करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
अस्पताल प्रशासन द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम इस प्रकार हैं:
- मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग: अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना आवश्यक कर दिया गया है।
- मेडिसिन विभाग अलर्ट: अस्पताल के मेडिसिन विभाग को इस संबंध में विशेष रूप से अलर्ट कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
- संदिग्ध मरीजों पर नजर: अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द जैसे लक्षणों के साथ आने वाले सभी संदिग्ध मरीजों की विशेष निगरानी की जा रही है।

पुराने एमसीएच (MCH) वार्ड को फिर से तैयार करने के निर्देश
संक्रमण के किसी भी संभावित प्रसार से निपटने की तैयारियों के तहत, अस्पताल अधीक्षक ने साल 2020-21 के दौरान कोरोना महामारी के चरम समय में एमसीएच (Mother and Child Health) वार्ड में की गई विशेष व्यवस्थाओं को एक बार फिर से दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। इस वार्ड को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं के साथ तैयार रखा जा रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके।
अस्पताल अधीक्षक की आम लोगों से अपील
डॉ. एच. के. दुबे ने आम जनता से अपील की है कि वे कोरोना से बचाव के नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करें। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने, नियमित रूप से सैनिटाइजर का उपयोग करने और एक-दूसरे से उचित दूरी बनाए रखने का आग्रह किया है। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता और सावधानी ही इस संक्रमण को फैलने से रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।





