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कंगना रनौत की युवाओं पर टिप्पणी से उपजा विवाद: बयान और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

By | Published: 28 Jul 2026, 02:42 PM
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कंगना रनौत की युवाओं पर टिप्पणी से उपजा विवाद: बयान और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
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मुख्य बातें

  • उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है।
  • वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन वे इतनी बदसूरत और भ्रष्ट हैं कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं।
  • फिर भी वे गर्व से ड्रग्स लेने, शराब पीने या बॉडी काउंट की अपनी आजादी का दिखावा करती हैं।कंगना रनौत, सांसद और अभ‍िनेत्रीबॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी संसदीय क्षेत्र से भारत...
  • कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक के बाद एक कई स्टोरी शेयर करते हुए 'जेनरेशन जी' (Gen Z) और विशेषकर युवा हिंदू महिलाओं के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणी ...

मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन वे इतनी बदसूरत और भ्रष्ट हैं कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे गर्व से ड्रग्स लेने, शराब पीने या बॉडी काउंट की अपनी आजादी का दिखावा करती हैं।
कंगना रनौत, सांसद और अभ‍िनेत्री


बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की 40 वर्षीय सांसद कंगना रनौत अपने नए विवादित बयान को लेकर चर्चा में आ गई हैं। कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक के बाद एक कई स्टोरी शेयर करते हुए 'जेनरेशन जी' (Gen Z) और विशेषकर युवा हिंदू महिलाओं के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने युवा पीढ़ी की तुलना 'गटर' से करते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

युवा हिंदू महिलाओं को बताया 'जेनरेशन गटर'

सांसद कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में युवा हिंदू महिलाओं के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए लिखा कि सबसे चौंकाने वाला आचरण इन युवा महिलाओं का है, जो उस आजादी को कमाए बिना एक स्वतंत्र करियर वाली महिला के जीवन की नकल करने की कोशिश कर रही हैं। अपने बयान में उन्होंने इस पीढ़ी को 'जेनरेशन गटर' कहकर संबोधित किया।

कंगना ने आगे कहा कि वास्तविक रूप से स्वतंत्र महिलाएं बागी फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं और लीक से हटकर करियर का चुनाव करती हैं। वे अपने कार्यों की जिम्मेदारी खुद उठाती हैं और यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करती हैं। उन्होंने लिखा कि इस नई पीढ़ी में से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और इतनी बदसूरत तथा भ्रष्ट हैं कि अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं।


लाइफस्टाइल और स्वतंत्रता पर साधा निशाना

कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि यह नई पीढ़ी बिना स्वतंत्र हुए आजाद जिंदगी जीने के लिए लगातार लड़ रही है और बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी गर्व से शराब पीने, ड्रग्स लेने और कइयों के साथ शारीरिक संबंध बनाने (बॉडी काउंट) को अपनी आजादी मानती है और इसका दिखावा करती है।

मंडी सांसद ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि स्वतंत्र जिंदगी को कमाना पड़ता है। अगर कोई बिना जिम्मेदारी के स्वतंत्र रूप से जीने की कोशिश करता है, तो वह केवल एक बिगड़ा हुआ इंसान और 'गटर छाप' बनकर रह जाता है।

Gen Z प्रदर्शनकारियों और रील्स पर भड़कीं

कंगना रनौत की यह सख्त टिप्पणी हालिया छात्र आंदोलनों और NEET पेपर लीक विवाद के परिदृश्य में आई है, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार पर दबाव की स्थितियां बनी हैं। कंगना ने प्रदर्शनकारी युवाओं की रील्स पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

कंगना ने लिखा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी इतनी बदसूरती नहीं देखी है और Gen Z प्रदर्शनकारियों की रील्स उल्टी लाने जैसी हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की भाषा और बातचीत के तरीके को बेहद भद्दा और अजीब बताया। इसके अलावा, उन्होंने सवाल उठाया कि 'उन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल-पोस रहा है?' उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी खुद को कॉकरोच कहते हैं और उन्हीं की तरह व्यवहार करते हैं। कंगना ने यह भी कहा कि इन रील्स से परेशान होकर अब उन्हें ठीक होने के लिए 'डिजिटल डिटॉक्स' की जरूरत महसूस हो रही है।

संसद मार्च और पूर्व की टिप्पणियां

इससे पहले 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के 'संसद मार्च' के संदर्भ में कंगना रनौत ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा था कि सदन के भीतर सभी सांसद डरे हुए थे और यह सोच रहे थे कि भीड़ उन पर हमला कर सकती है। उन्होंने उस समय पुलिस की सराहना करते हुए कहा था कि पुलिस ने एक ढाल की तरह काम किया और किसी भी प्रकार का नुकसान होने से बचाया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और माफी की मांग

कंगना रनौत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विपक्षी नेताओं ने उनके बयानों पर हमला बोला है:

  • AIMIM की मांग: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने कंगना रनौत के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए उनसे 'Gen Z' प्रदर्शनकारियों से तुरंत माफी मांगने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सांसद की इस टिप्पणी पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
  • कांग्रेस का रुख: कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बजाय कंगना रनौत को विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुए व्यवहार और उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए था।

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