बिहार सरकार ने राज्य के विकास को गति देने और नागरिकों को बड़ी राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में सबसे बड़ा निर्णय राज्य के 12 शहरों में विकसित की जा रही ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक को हटाने को लेकर किया गया। नगर विकास विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद अब जमीन मालिक तय नियमों के तहत अपनी जमीन बेच सकेंगे या किसी अन्य के नाम पर हस्तांतरित कर सकेंगे।
सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन की खरीद-बिक्री से हटी रोक
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव मो. सोहेल ने बताया कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद जमीन के लेन-देन पर लगी रोक प्रभावी नहीं रहेगी। वहीं, विकास योजना के प्रारूप (ड्राफ्ट) के प्रकाशन के बाद बिहार नगर विकास प्राधिकरण को इस रोक को हटाने का अधिकार होगा। हालांकि, जमीन की खरीद-बिक्री की अनुमति मिलने का यह अर्थ बिल्कुल नहीं होगा कि खरीदार अपनी जमीन पर मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कर सकेंगे। भूमि विकास और भवन निर्माण को बिहार नगर विकास प्राधिकरण की विकास योजना और उससे जुड़े विकास नियंत्रण विनियमन (डीसीआर) के तहत पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। इसके तहत भवन निर्माण, भू-उपयोग, सड़क की चौड़ाई, खुला क्षेत्र और अन्य विकास गतिविधियों के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में कुल 12 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की है, जिस पर काम शुरू किया जा चुका है। इन शहरों में पटना, सोनपुर, छपरा, सीतामढ़ी, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, मुंगेर, गयाजी और रोहतास के डेहरी शामिल हैं। इस साल अप्रैल में हुई इस घोषणा के बाद से ही इन सभी टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। वर्तमान में केवल पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की विकास योजना का प्रारूप प्रकाशित हो चुका है, इसलिए वहां जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक को पहले ही हटा दिया गया है। अन्य टाउनशिप के प्रारूप तैयार करने का काम अभी जारी है।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पाटलिपुत्र टाउनशिप के पूरे क्षेत्र (कोर क्षेत्र सहित) में अब जमीन के क्रय-विक्रय पर कोई रोक नहीं है और इसकी आधिकारिक सूचना पटना के समाहर्ता-सह-जिला निबंधक को भेज दी गई है।
रूफटॉप सोलर योजना पर मिलेगी राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता
कैबिनेट बैठक में बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया गया है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले उपभोक्ताओं को अब केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। कैबिनेट सचिव मो. सोहेल ने बताया कि इस अतिरिक्त सहायता से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके तहत वित्तीय सहायता का ढांचा इस प्रकार तय किया गया है:
- 1 किलोवाट क्षमता: कुल 40,000 रुपये की सहायता मिलेगी, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 30,000 रुपये और राज्य सरकार की ओर से 10,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता शामिल है।
- 2 किलोवाट क्षमता: कुल 80,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें केंद्र के 60,000 रुपये और राज्य सरकार के 20,000 रुपये शामिल हैं।
- 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता: कुल 98,000 रुपये की सहायता मिलेगी, जिसमें केंद्र सरकार के 78,000 रुपये और राज्य सरकार के 20,000 रुपये शामिल हैं।
चार शहरों में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट को मंजूरी
पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने राज्य के चार प्रमुख नगर निगमों में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी है। ये प्लांट गयाजी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में लगाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित तेल व गैस कंपनियों को प्रत्येक नगर निकाय में 10-10 एकड़ भूमि 25 वर्षों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत गयाजी में इंडियन ऑयल, मुजफ्फरपुर में गेल, भागलपुर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम और बिहारशरीफ में भारत पेट्रोलियम द्वारा ये प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
भारतनेट सेवा का विस्तार और ग्रिड उपकेंद्रों के लिए 221 नए पद
ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने भारतनेट योजना के तहत 'राइट ऑफ वे' (RoW) से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस संशोधित योजना का मुख्य लक्ष्य 99 प्रतिशत नेटवर्क अप-टाइम सुनिश्चित करना है। इस समझौते के तहत बिहार के गांवों और पंचायतों में स्थित सरकारी विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पुलिस थानों के साथ-साथ आम घरों तक भारतनेट के माध्यम से हाई-स्पीड फाइबर इंटरनेट सेवा पहुंचाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त, ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के ग्रिड उपकेंद्रों के लिए विभिन्न श्रेणियों में कुल 221 नए पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इन नए सृजित पदों में विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता, प्रधान अग्रजन, अग्रजन और अन्य तकनीकी श्रेणी के पद शामिल हैं, जिससे ग्रिड उपकेंद्रों के संचालन में सुधार होगा।





