Viral News: सोशल मीडिया पर एक महिला सांसद को लेकर कई चौंकाने वाले दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उनके घर पर छापेमारी के दौरान करीब 490 करोड़ रुपये का कैश, 27 किलो सोना और यहां तक कि सोने से बनी ब्रा और पैंटी भी बरामद हुई। इन खबरों ने लोगों को हैरान कर दिया है और सोशल मीडिया पर इस मामले की खूब चर्चा हो रही है।
दरअसल, इराक में इन दिनों भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। सरकार लगातार नेताओं, अधिकारियों और संदिग्ध लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसी अभियान के दौरान कई जगहों पर कार्रवाई की गई और दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें कुछ सांसद और सरकारी अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

वायरल रिपोर्ट्स में इराकी सांसद हिंद-अल अब्बासी का नाम सामने आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि उनके घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना मिला। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में सांसद आलिया नासिफ का भी जिक्र है। बताया जा रहा है कि उनके घर से भी बड़ी मात्रा में इराकी दीनार और सोना बरामद हुआ है। कुछ खबरों के मुताबिक आलिया नासिफ और उनके बेटे को भी गिरफ्तार किया गया है।
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा जिस दावे की हो रही है, वह है सोने से बनी ब्रा और पैंटी की। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तस्वीरें और पोस्ट वायरल हो रहे हैं। लेकिन यहां एक जरूरी बात जानना बेहद जरूरी है।

अब तक इराकी अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि छापेमारी में वास्तव में सोने की ब्रा और पैंटी बरामद हुई थी। कई फैक्ट चेक करने वाली संस्थाओं और मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि इस दावे की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में इन्हें सिर्फ लग्जरी गोल्ड आइटम्स बताया गया है, जबकि कुछ जगहों पर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं।
यानी, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और बड़ी मात्रा में नकदी तथा सोना मिलने की खबरें कई मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई हैं। लेकिन सोने की ब्रा और पैंटी वाली बात फिलहाल आधिकारिक रूप से साबित नहीं हुई है। इसलिए इस दावे को पूरी तरह सच मानना सही नहीं होगा।

बताया जा रहा है कि इराक की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इसी वजह से राजधानी के हाई सिक्योरिटी ग्रीन जोन समेत कई इलाकों में छापेमारी की गई। सरकार का कहना है कि देश में पारदर्शिता बढ़ाने और लोगों का भरोसा वापस जीतने के लिए यह अभियान जरूरी है। इराक लंबे समय से भ्रष्टाचार की समस्या से जूझ रहा है। तेल संपदा से समृद्ध होने के बावजूद वहां कई बार नेताओं और अधिकारियों पर अवैध संपत्ति जमा करने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में सरकार की यह कार्रवाई काफी अहम मानी जा रही है।

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों और इराकी सरकार की ओर से और जानकारी सामने आ सकती है। तब तक सोशल मीडिया पर वायरल हर दावे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।





