Sahara Refund: अगर आपने भी सहारा इंडिया में अपना पैसा लगाया था और CRCS सहारा रिफंड पोर्टल पर क्लेम करने के बाद भी 45 दिन बीत जाने के बावजूद पैसा नहीं मिला है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अब सरकार ने ऐसे निवेशकों को एक और मौका दिया है। अगर आपके आवेदन में कोई गलती रह गई थी या दस्तावेज पूरे नहीं थे, तो आप उन्हें सुधारकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
सहारा इंडिया में फंसे करोड़ों निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अगर आपने CRCS सहारा रिफंड पोर्टल पर अपना क्लेम जमा किया था, लेकिन 45 वर्किंग डे यानी 45 कार्य दिवस के बाद भी आपके खाते में पैसा नहीं आया है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।

ऐसे मिलेगा SAHARA रिफंड?
सरकार ने ऐसे लोगों के लिए री-सबमिशन यानी दोबारा आवेदन करने की सुविधा शुरू कर दी है। इसका मतलब है कि अगर आपके पहले आवेदन में कोई कमी थी या किसी कारण से आपका क्लेम रिजेक्ट हो गया था, तो अब आप उसे सुधारकर फिर से जमा कर सकते हैं।
दरअसल, कई निवेशकों के आवेदन में कुछ डॉक्यूमेंट्स अधूरे थे, कुछ लोगों ने गलत जानकारी भर दी थी, जबकि कई मामलों में बैंक खाते या अन्य जरूरी जानकारी सही नहीं थी। ऐसे सभी मामलों में पोर्टल पर पहले ही कमी की जानकारी दे दी गई थी। अब उन्हीं कमियों को ठीक करके दोबारा आवेदन किया जा सकता है।

Re-Submission कैसे करे?
अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो सबसे पहले CRCS सहारा री-सबमिशन पोर्टल https://mocresubmit.crcs.gov.in/resubmission/#/depositor/login पर जाएं। वहां अपना क्लेम रिक्वेस्ट नंबर दर्ज करें। इसके बाद कैप्चा कोड भरकर अपनी जानकारी को वैलिडेट करें। फिर जिस गलती की जानकारी दी गई है, उसे ठीक करें, जरूरी दस्तावेज दोबारा अपलोड करें और आवेदन को फिर से सबमिट कर दें।
सरकार का कहना है कि सही तरीके से री-सबमिशन करने के बाद आपका आवेदन फिर से जांचा जाएगा। अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो 45 वर्किंग डे के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

10 लाख वाले भी कर सकते हैं क्लेम,मिलेगा पैसा
इस बीच एक और बड़ी राहत की बात यह है कि अब निवेशक 10 लाख रुपये तक के कुल क्लेम के लिए भी री-सबमिशन कर सकते हैं। पहले कम राशि वाले क्लेम पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा था, लेकिन अब दायरा बढ़ा दिया गया है। इससे उन लोगों को भी फायदा मिलेगा जिनकी निवेश राशि ज्यादा है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार की ओर से कई निवेशकों को 50 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा चुका है। जिन लोगों के दस्तावेज सही थे और क्लेम में कोई गलती नहीं थी, उनके पैसे सीधे बैंक खाते में भेज दिए गए थे। लेकिन जिनके आवेदन में कोई कमी रह गई थी, उनका भुगतान रोक दिया गया था। अब ऐसे निवेशकों को अपनी गलती सुधारने का एक और मौका दिया गया है।

भूल कर भी ना करे यह गलती, रिटर्न नहीं मिलेगा
ध्यान रखें कि अगर आपका क्लेम रिजेक्ट हुआ था या पेमेंट फेल हो गया था, तो बिना गलती सुधारे दोबारा आवेदन करने से फायदा नहीं होगा। इसलिए पहले यह जरूर देखें कि आपके आवेदन में कौन-सी कमी बताई गई है और उसे पूरी तरह ठीक करने के बाद ही री-सबमिशन करें।
एक और जरूरी बात। क्लेम करने के लिए आपका आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। इसके अलावा आपका बैंक खाता भी आधार से जुड़ा होना चाहिए। निवेश से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज साफ और सही तरीके से अपलोड करना भी जरूरी है। अगर दस्तावेज अधूरे होंगे या जानकारी गलत होगी, तो क्लेम फिर से अटक सकता है।

री-सबमिशन कैसे शुरू हुआ?
अब बात करते हैं कि यह पूरी प्रक्रिया शुरू कैसे हुई। दरअसल, 29 मार्च 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सहारा-सेबी रिफंड खाते से 5,000 करोड़ रुपये केंद्रीय रजिस्ट्रार यानी CRCS को दिए जाएं, ताकि सही निवेशकों का पैसा वापस किया जा सके। इसी आदेश के बाद सरकार ने CRCS सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया, जहां निवेशक ऑनलाइन आवेदन करके अपना पैसा वापस मांग सकते हैं।
तो अगर आपने पहले ही आवेदन कर दिया था और अब तक पैसा नहीं मिला है, तो इंतजार करने की बजाय अपने आवेदन की स्थिति जरूर जांच लें। अगर पोर्टल पर किसी कमी की जानकारी दी गई है, तो उसे तुरंत ठीक करें और दोबारा आवेदन जमा करें। इससे आपका रिफंड मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। तो उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही होगी। अगर आपके परिवार या जान-पहचान में किसी का पैसा भी सहारा इंडिया में फंसा है, तो यह जानकारी उनके साथ जरूर शेयर करें ताकि वे समय रहते अपनी गलती सुधारकर दोबारा क्लेम कर सकें।





