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नेपाल में फ्लैश फ्लड से बिहार पर गहराया खतरा: गंडक किनारे के छह जिलों में हाई अलर्ट, अमित शाह ने सम्राट चौधरी से ली जानकारी

By | Published: 27 Aug 2026, 10:50 AM
नेपाल में फ्लैश फ्लड से बिहार पर गहराया खतरा: गंडक किनारे के छह जिलों में हाई अलर्ट, अमित शाह ने सम्राट चौधरी से ली जानकारी
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मुख्य बातें

  • नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में गंडक नदी को लेकर अलर्टनेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) के बाद बिहार में गंडक नदी के तटीय इलाकों को लेकर चिंता काफी ब...
  • नेपाल-चीन सीमा के पास त्रिशूली नदी के फुरके खोला इलाके में जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके पीछे संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की आशंका ज...
  • यह स्थान भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित बताया गया है।
  • त्रिशूली नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर आगे बढ़ते हुए गंडक नदी तक पहुंचने की आशंका है।

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में गंडक नदी को लेकर अलर्ट

नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) के बाद बिहार में गंडक नदी के तटीय इलाकों को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है। नेपाल-चीन सीमा के पास त्रिशूली नदी के फुरके खोला इलाके में जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके पीछे संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की आशंका जताई जा रही है। यह स्थान भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित बताया गया है। त्रिशूली नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर आगे बढ़ते हुए गंडक नदी तक पहुंचने की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग और बिहार सरकार ने गंडक नदी के आसपास रहने वाले लोगों और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार नजर रखने और सतर्क रहने की सलाह जारी की है।


गंडक बराज पर बढ़ेगा पानी का दबाव

बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी के अनुसार, नेपाल की ओर से आ रहा यह पानी वाल्मीकिनगर बराज तक पहुंचने में लगभग 2 से 3 घंटे का समय ले सकता है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, गंडक बराज से लगभग 2.5 लाख (ढाई लाख) क्यूसेक पानी गुजरने की संभावना व्यक्त की गई है, जबकि बराज से वर्तमान में डिस्चार्ज लगभग 80 हजार क्यूसेक के करीब दर्ज किया गया है। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि नदी के नीचे की तरफ बढ़ने के दौरान बाढ़ का प्रभाव कुछ कम भी हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद गंडक बराज के गेटों और नहरों के संचालन पर लगातार सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने ली तैयारियों की जानकारी

नेपाल में आई बाढ़ और बिहार पर इसके संभावित असर को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर विस्तृत बातचीत की। अमित शाह ने राज्य के मौजूदा हालात और प्रशासनिक तैयारियों का ब्योरा लिया तथा केंद्र सरकार की तरफ से बिहार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया। इस दौरान गंडक, कोसी और गंगा नदी से सटे संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। वहीं, फिलहाल कोसी नदी में इस तरह के अचानक जलस्तर बढ़ने का कोई नया खतरा सामने नहीं आया है, जिससे प्रशासन का मुख्य ध्यान गंडक नदी क्षेत्र पर ही केंद्रित है।


इन जिलों में विशेष सतर्कता और राहत दल की तैनाती

गंडक नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि के मद्देनजर बिहार के छह प्रमुख जिलों—पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके अतिरिक्त सीतामढ़ी और शिवहर जैसे अन्य संवेदनशील जिलों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की अतिरिक्त टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। गोपालगंज में एनडीआरएफ की एक टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बेतिया में टीम की तैनाती की जा रही है और मुजफ्फरपुर में एक टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

राहत शिविर, नाव और तटबंधों की निगरानी के निर्देश

प्रशासन ने संभावित प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पहले से ही व्यापक रूपरेखा तैयार की है। आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में नावों का प्रबंध करने, राहत शिविर स्थापित करने और सामुदायिक रसोई संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों को सभी प्रमुख तटबंधों और संवेदनशील संरचनाओं की चौबीसों घंटे जांच और निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है।

नेपाल में नुकसान और प्रशासन का हाई-लेवल अलर्ट

नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में इस फ्लैश फ्लड के कारण काफी नुकसान हुआ है, जहां कई मकान और पुल पानी के तेज बहाव में बह गए हैं और वहां राहत व बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे स्वयं वाल्मीकिनगर जाकर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। राज्य सरकार ने आम नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्क रहने, नदियों के पास न जाने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की है।

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