बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अगर आपके ऊपर पुराना बिजली बिल बकाया है और आप पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर की ओर जा रहे हैं, तो अब आपको पूरा बकाया एक साथ जमा करने की जरूरत नहीं होगी। बिहार में बिजली बकाये की वसूली को लेकर नियम में बड़ा बदलाव किया गया है। अब पुराने बिजली बिल को एक बार में चुकाने के बजाय उपभोक्ताओं को किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिलेगा। यह फैसला बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने लिया है। नई व्यवस्था के तहत बकाये की रकम के हिसाब से उपभोक्ताओं को 12 महीने, 18 महीने और 24 महीने तक की किस्त सुविधा दी जाएगी।

आसान भाषा में समझें तो अगर किसी उपभोक्ता पर 10 हजार रुपये तक का बिजली बकाया है, तो वह इसे 12 महीने की किस्तों में चुका सकेगा। वहीं, 10 हजार रुपये से ज्यादा और 15 हजार रुपये से कम बकाया होने पर 18 महीने में भुगतान करने का विकल्प मिलेगा। जबकि 15 हजार रुपये से ज्यादा बकाया होने पर उपभोक्ता को इसे 24 महीने की किस्तों में चुकाने की सुविधा दी जाएगी।
यानी अब पुराने बिजली बिल का बड़ा बकाया होने पर उपभोक्ता को एक साथ बड़ी रकम जुटाने की परेशानी नहीं होगी। इससे खासकर उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके ऊपर लंबे समय से बिजली बिल का एरियर जमा है। यह फैसला बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग की पीठ ने साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की याचिका पर सुनवाई के बाद लिया है। आयोग की पीठ में अध्यक्ष अमीर सुबहानी, कानूनी सदस्य पीएस यादव और तकनीकी सदस्य मनोज कुमार शामिल थे।
आयोग ने इस नई व्यवस्था को तत्काल लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही दोनों बिजली वितरण कंपनियों को कहा गया है कि किस्तों में बकाया भुगतान की व्यवस्था को अपने बिलिंग सिस्टम और स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिस्टम के साथ जोड़ा जाए। इस फैसले का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा पारदर्शिता है। आयोग चाहता है कि उपभोक्ताओं को यह साफ-साफ पता चल सके कि उनके ऊपर कितना पुराना बकाया है, हर महीने कितनी किस्त देनी है और अब तक कितनी रकम जमा हो चुकी है। यानी उपभोक्ता अपने बकाये और भुगतान का खुद भी हिसाब और सत्यापन कर सकेंगे।

दरअसल, पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर में जाने वाले उपभोक्ताओं के सामने पुराने बिजली बकाये को लेकर काफी समय से परेशानी बनी हुई थी। पहले बकाया वसूली की प्रक्रिया कई लोगों के लिए आसान नहीं थी। पुराने नियम के तहत मौजूदा बिजली खपत के आधार पर एरियर की रकम वसूलने की व्यवस्था थी। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने पर उपभोक्ताओं का मौजूदा बिल भी बढ़ जाता था और उसके साथ पुराने बकाये की वसूली का दबाव भी बढ़ सकता था।
इस वजह से कई परिवारों पर अचानक आर्थिक बोझ पड़ने की स्थिति बन जाती थी। वहीं, 125 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी व्यवस्था के कारण कुछ पात्र उपभोक्ताओं का मौजूदा बिल कम या शून्य बनने की स्थिति में भी पुराने बकाये की वसूली को लेकर अलग तरह की परेशानी सामने आती थी। अब नई किस्त व्यवस्था से इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गई है। बिजली कंपनियों के लिए बकाया वसूलने का एक स्पष्ट तरीका होगा और उपभोक्ताओं को भी अपनी सुविधा के अनुसार तय अवधि में रकम चुकाने का मौका मिलेगा।

हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए यह समझना जरूरी है कि यह राहत पुराने बकाये को खत्म करने की घोषणा नहीं है। बकाया राशि देनी होगी, लेकिन अब उसे तय किस्तों में चुकाने की सुविधा मिलेगी। इसलिए जिन लोगों के ऊपर बिजली बिल का पुराना एरियर है, उन्हें अपने संबंधित बिजली वितरण कंपनी से अपने बकाये और किस्त की सही जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर देखें तो बिहार में बिजली बकाये को लेकर आया यह बदलाव लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाला साबित हो सकता है। खासकर उन लोगों के लिए, जो एकमुश्त बड़ी रकम जमा करने की स्थिति में नहीं हैं। अब 10 हजार रुपये तक के बकाये पर 12 महीने, 10 से 15 हजार रुपये के बकाये पर 18 महीने और 15 हजार रुपये से ज्यादा बकाये पर 24 महीने तक भुगतान की सुविधा मिलेगी। यानी अब पुराना बिजली बिल एक साथ चुकाने का बोझ नहीं, बल्कि तय किस्तों में धीरे-धीरे चुकाने वाली जिम्मेदारी होगी। अगर आपके घर में भी पुराना बिजली बकाया है और आप प्रीपेड मीटर लगवाने जा रहे हैं, तो नई किस्त व्यवस्था आपके लिए निश्चित तौर पर बड़ी राहत लेकर आई है।





