औरंगाबाद में बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ की जिला इकाई का गठन सोमवार को लोकतांत्रिक और सर्वसम्मत तरीके से किया गया। इस दौरान संगठन के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। नई जिला कमेटी के गठन के साथ ही शिक्षकों के हितों और उनकी विभिन्न मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक राजन, प्रदेश संगठन मंत्री कमल कुमार राय और प्रदेश सह संगठन मंत्री अमित कुमार विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिक्षकों ने संगठन को मजबूत करने और शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने पर जोर दिया।
जिला इकाई के गठन के दौरान सभी पदों पर सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन किया गया। प्रशांत कुमार को बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ की औरंगाबाद जिला इकाई का जिलाध्यक्ष चुना गया। वहीं रामाशीष कुमार को जिला उपाध्यक्ष, अभिमन्यु कुमार पाठक को जिला सचिव, रजिया कमर को जिला सह सचिव और अभिषेक कुमार पाण्डेय को जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।

इसके अलावा मंतोष कुमार को जिला संगठन मंत्री बनाया गया। निभा सिन्हा और पंकज कुमार को जिला सह संगठन मंत्री की जिम्मेदारी मिली। श्वेता सिंह को जिला प्रवक्ता, मोहम्मद सरफराज आलम को जिला सोशल मीडिया प्रभारी और जितेंद्र कुमार सिंह को जिला आईटी प्रभारी चुना गया। मुन्ना कुमार को जिला कार्यक्रम आयोजन पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसी क्रम में औरंगाबाद अनुमंडल स्तर पर भी संगठन का विस्तार किया गया। विश्वविजय चतुर्वेदी को औरंगाबाद अनुमंडल अध्यक्ष और विद्या सिंह को औरंगाबाद अनुमंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष चुना गया। पदाधिकारियों के चयन के बाद मौजूद शिक्षकों ने नई टीम को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि संगठन शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाएगा।

कार्यक्रम के दौरान बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ के वेब पोर्टल की औपचारिक शुरुआत भी की गई। इसका शुभारंभ नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने आजीवन सदस्यता ग्रहण करके किया। संगठन की ओर से इसे डिजिटल स्तर पर शिक्षकों को जोड़ने और संगठन की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हित और अधिकारों की रक्षा के लिए महासंघ मजबूती के साथ संघर्ष करेगा। शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को सरकार के सामने प्रभावी तरीके से रखने और उनके समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयास करता रहेगा।

नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने भी अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद जिले में शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को लेकर मजबूती से काम किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षकों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और संगठन जिला स्तर पर शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाएगा।
वहीं जिला संगठन मंत्री मंतोष कुमार ने सातवें वेतनमान की मांग को संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि सातवें वेतनमान की मांग को लेकर महासंघ मजबूती से संघर्ष कर रहा है। इस मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कानूनी लड़ाई की शुरुआत भी की गई है।

उन्होंने कहा कि वेतनमान के अलावा शिक्षकों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी संगठन गंभीरता से काम करेगा। महासंघ का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि शिक्षकों की समस्याओं को एकजुट होकर उचित मंच तक पहुंचाना और उनके अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाना है।
औरंगाबाद में नई जिला इकाई के गठन के बाद अब शिक्षकों की स्थानीय समस्याओं और मांगों को लेकर संगठन की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। नई टीम के सामने शिक्षकों को एकजुट रखने, उनकी समस्याओं को प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने तथा संगठन के आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।





