पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की TRE-4 परीक्षा से प्रारंभिक परीक्षा (PT) और मुख्य परीक्षा (Mains) की दोहरी व्यवस्था को समाप्त करने, नेगेटिव मार्किंग हटाने तथा 100 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। पटना के गर्दनीबाग में 18 अगस्त से लगातार धरना दे रहे छात्र मंगलवार को गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले हैं। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन (ABSU) के छात्र नेता अमन गुट की ओर से इस मार्च का आह्वान किया गया है। हालांकि, छात्र नेता दिलीप कुमार इस मार्च का समर्थन नहीं कर रहे हैं और प्रदर्शनकारी छात्रों ने छात्र संगठन आइसा (AISA) को भी इस मार्च से अलग रखा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और डाकबंगला पर लोहे की शील्ड
छात्रों के सीएम आवास घेराव के ऐलान को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जेपी गोलंबर पर दो लेयर में बैरिकेडिंग की गई है और वाटर कैनन की गाड़ियां तैनात की गई हैं। वहीं डाकबंगला चौराहे पर छात्रों को रोकने के उद्देश्य से मेट्रो की लोहे की शील्ड लगाई गई है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए हैं। ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन के नेता अमन यादव ने वीडियो जारी कर अधिक से अधिक संख्या में छात्रों और उनके अभिभावकों से इस घेराव प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
शिक्षा विभाग का लेटर और परीक्षा पैटर्न में बदलाव का प्रस्ताव
आंदोलन के बीच शिक्षा विभाग ने BPSC को TRE-4 परीक्षा के पैटर्न में बदलाव को लेकर एक पत्र भेजा है। शिक्षा सचिव राजीव रौशन ने BPSC अध्यक्ष से PT परीक्षा के सिलेबस में संशोधन करने के प्रस्ताव पर विचार करने का अनुरोध किया है। प्रस्ताव के अनुसार, TRE-4 की PT परीक्षा में बाल मनोविज्ञान (Child Psychology) से 50 प्रतिशत प्रश्न पूछे जाएं। वहीं, बाकी 50 प्रतिशत प्रश्न सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन (GK/GS) से रखने का सुझाव दिया गया है। इस GK/GS खंड के अंतर्गत 30 प्रतिशत प्रश्न बिहार के इतिहास, राजनीति, अर्थशास्त्र और भूगोल से संबंधित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा अभ्यर्थियों द्वारा लगातार उठाई जा रही 'वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट' की मांग से भी आयोग को अवगत कराया गया है। हालांकि, इन बदलावों को लागू करने का अंतिम फैसला आयोग को ही लेना है।
परीक्षा नियंत्रक के बयान पर घमासान, मांगी माफी और सस्पेंड करने के निर्देश
प्रदर्शन के दौरान BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के एक बयान से विवाद गहरा गया। सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि TRE-4 की परीक्षा दिसंबर या जनवरी में आयोजित हो सकती है और यह परीक्षा PT तथा Mains के रूप में दो चरणों में होगी, जिसमें नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी। जब पत्रकारों ने गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर सवाल पूछा, तो परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि "हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार।" इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी छात्र बेहद आक्रोशित हो गए और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के विरोध को देखते हुए बाद में BPSC परीक्षा नियंत्रक ने वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी मांग ली। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने के निर्देश जारी किए हैं।

राजनीतिक हलचल और तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री को पत्र
गर्दनीबाग में 18 अगस्त को BPSC द्वारा TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही धरना जारी है। पिछले सात दिनों के भीतर पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तीन बार अभ्यर्थियों से मुलाकात की। इसके अलावा सांसद पप्पू यादव और भाकपा माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य भी धरना स्थल पहुंचकर छात्रों की मांगों के समर्थन में खड़े हुए। अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा था, वहीं पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने 4 दिनों के भीतर 2 बार राज्यपाल से मुलाकात की है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और परिणाम में विलंब से युवाओं में फैले असंतोष को रेखांकित किया है और सरकार से छात्रों की न्यायोचित मांगों का जल्द समाधान निकालने का आग्रह किया है।





