बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह निर्णय इस मामले की जांच कर रही न्यायिक समिति की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर लिया है।
न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं उनके एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। इस घोषणा के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जुलाई में मुख्यमंत्री से मिला था पीड़ित परिवार
इस घोषणा से पहले, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। यह मुलाकात 24 जुलाई को हुई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा की थीं। उस समय मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया था कि भरत तिवारी के परिवार को हर हाल में न्याय मिलेगा और सरकार उनके साथ खड़ी है।
पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज कर रहे हैं मामले की जांच
भोजपुर एनकाउंटर मामले के बाद राज्य में काफी राजनीतिक और सामाजिक बवाल हुआ था। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की थी। वर्तमान में इस मामले की जांच पटना हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) न्यायाधीश कर रहे हैं। जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और अब तक इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण लोगों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। इसी जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने नौकरी और आर्थिक मदद का यह बड़ा फैसला लिया है।
मामले में अब तक की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में अब तक निम्नलिखित महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:
- एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी: एनकाउंटर के दौरान गोली चलाने वाले एसटीएफ (STF) के जवान अक्षय कुमार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में यह पहली बड़ी गिरफ्तारी थी।
- एसडीएम पर कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए जगदीशपुर के एसडीएम (अनुमंडल पदाधिकारी) को उनके पद से हटा दिया गया है।
- आगे की जांच जारी: मामले की तह तक जाने के लिए न्यायिक जांच के साथ-साथ अन्य स्तरों पर भी कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया लगातार जारी है।
सरकार के इस फैसले से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से न्याय और सहायता की मांग कर रहा था।





